मेरा पहला प्यार!

तुम्हे देखा तो जाना की प्यार क्या होता है,
जितना तुम्हे भूलना चाहता हूँ, तुम्हारा चेहरा,
इस दिल में उतना ही गहरा उतरता है!

कितना भी तदपा, कितना भी छटपटाया में
पर तुम्हे भूलना मंजूर न किया इस दिल ने!

सोता हूँ पर सपनों में तुम ही आते हो,
पढता हूँ, पर अक्षरों में तुम ही दीखते हो,
सब कुछ करता हूँ, पर मन में तुम ही समाए रहते हो!

कितना चाहता हूँ तुम्हे, ये में बयां नहीं कर सकता,
चाहत है फिर भी इज़हार नहीं कर सकता!
तुम हो तो मेरे बहुत ही पास,
पर मुझे कुछ मिला है तो सिर्फ तुम्हे पाने की आस!

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